“ध्यान तो करना है, पर समय कहाँ है?” अगर आपका भी यही सवाल है, तो जान लें: रोज़ 5 मिनट का ध्यान, हफ़्ते में एक बार के 1 घंटे से बेहतर है। आदत लंबाई से नहीं, रोज़ करने से बनती है।
रूटीन 1: सुबह का 5 मिनट (ऊर्जा के लिए)
- बिस्तर पर ही सीधे बैठें, फ़ोन अभी न देखें।
- 1 मिनट: गहरी साँस लें, पेट फूलने दें।
- 3 मिनट: साँसों को 1 से 10 तक गिनें।
- 1 मिनट: आज की एक इच्छा सोचें, जैसे “आज धैर्य से बात करूँगा”।
रूटीन 2: ऑफिस का 3 मिनट ब्रेक (तनाव के लिए)
- कुर्सी पर पैर ज़मीन पर टिकाएँ, आँखें बंद करें।
- 4 गिनती में साँस लें, 4 रोकें, 4 में छोड़ें, 4 रोकें (बॉक्स ब्रीदिंग)। 5 राउंड।
- कंधे और जबड़ा ढीला करें, फिर आँखें खोलें।
रूटीन 3: सोने से पहले का 5 मिनट (नींद के लिए)
- लेटकर 4-7-8 साँस के 4 राउंड।
- पैर से सिर तक तेज़ बॉडी स्कैन, हर हिस्से को भारी महसूस करते हुए।
- साँसें गिनते रहें, नींद आ जाए तो आने दें।
ज़्यादा समय हो तो 10 मिनट का पूरा रूटीन Meditation for Sleep में है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या 5 मिनट का ध्यान काफ़ी है? शुरुआत के लिए हाँ। आदत बनने के बाद धीरे-धीरे 10–15 मिनट तक बढ़ाएँ।
क्या दिन में कई बार short meditation कर सकते हैं? हाँ, तीनों रूटीन एक ही दिन में कर सकते हैं।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है, मेडिकल सलाह नहीं।