हफ़्ते में एक रात कम नींद आना आम है। पर जब यह हर दूसरी रात होने लगे, तो यह अनिद्रा (insomnia) हो सकती है। अच्छी ख़बर यह है कि ध्यान इसमें सच में मदद कर सकता है। ईमानदार ख़बर यह है कि यह अकेला इलाज नहीं है।
रिसर्च क्या कहती है
2015 में JAMA Internal Medicine में छपे एक रैंडमाइज़्ड ट्रायल में नींद की दिक़्क़त वाले बुज़ुर्गों को दो ग्रुप में बाँटा गया। जिन्होंने माइंडफुलनेस सीखी, उनकी नींद उस ग्रुप से बेहतर हुई जिसे सिर्फ़ नींद की अच्छी आदतों की टिप्स दी गई थीं। यानी ध्यान सिर्फ़ “अच्छा लगना” नहीं, नींद पर सचमुच असर दिखाता है।
Insomnia के लिए Meditation कैसे करें
- दिन में 10 मिनट बैठकर ध्यान: सिर्फ़ रात का ध्यान काफ़ी नहीं। दिन का अभ्यास तनाव को रात तक जमा होने से रोकता है।
- रात को बॉडी स्कैन: बिस्तर पर पैर से सिर तक धीरे-धीरे ध्यान ले जाएँ।
- नींद का पीछा छोड़ें: लक्ष्य “सोना” नहीं, “आराम करना” रखें। सोने का दबाव ही अक्सर नींद उड़ाता है।
- एक तय समय: हर दिन एक ही समय पर सोएँ और उठें, छुट्टी वाले दिन भी।
- 4 हफ़्ते का वादा: ज़्यादातर लोगों को फ़र्क 2–4 हफ़्ते में दिखता है।
डॉक्टर से कब मिलें
- 3 महीने से ज़्यादा समय से हफ़्ते में 3 या ज़्यादा रातें ख़राब नींद
- तेज़ खर्राटे, साँस रुकना या दिन भर बहुत नींद आना
- उदासी, घबराहट या काम पर असर
इनमें डॉक्टर CBT-I जैसी थेरेपी सुझा सकते हैं, जिसमें ध्यान साथ में चल सकता है। नींद का पूरा रूटीन Meditation for Sleep में है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ध्यान से अनिद्रा ख़त्म हो सकती है? कई लोगों की नींद काफ़ी सुधरती है, पर लंबी अनिद्रा में इसे डॉक्टर के इलाज के साथ करें।
क्या नींद की गोली के साथ ध्यान कर सकते हैं? हाँ। दवा कभी भी अपने आप न छोड़ें, डॉक्टर से पूछकर ही बदलें।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है, मेडिकल सलाह नहीं। स्रोत: MedicalResearch.com