ज़्यादातर लोग मेडिटेशन पहली बार 5 मिनट करते हैं, बीच में 20 बार सोचते हैं “मेरा मन तो रुक ही नहीं रहा”, और मान लेते हैं कि यह उनके बस का नहीं। सच यह है कि मन का भटकना ही मेडिटेशन का हिस्सा है। यह गाइड आपको बताएगी कि असल में करना क्या है।
Meditation की आसान परिभाषा
मेडिटेशन यानी ध्यान को एक चीज़ पर टिकाना, जैसे साँस, और जब मन भटके तो बिना ख़ुद को डाँटे वापस लाना। यही “वापस लाना” एक रेप है। जैसे जिम में हर रेप मसल बनाता है, वैसे ही हर वापसी ध्यान की ताक़त बढ़ाती है।
मेडिटेशन के बारे में 3 ग़लतफ़हमियाँ
- “मन खाली करना पड़ता है।” नहीं। विचार आएँगे, बस उनके पीछे नहीं भागना है।
- “घंटों बैठना पड़ता है।” शुरुआत 2 से 5 मिनट से करें।
- “यह सिर्फ़ धार्मिक लोगों के लिए है।” मेडिटेशन मन की ट्रेनिंग है, इसे कोई भी कर सकता है।
पहली बार मेडिटेशन कैसे करें (5 स्टेप)
- कुर्सी या ज़मीन पर सीधे बैठें, कंधे ढीले रखें।
- 2 मिनट का टाइमर लगाएँ और आँखें बंद करें।
- नाक से आती-जाती साँस को महसूस करें।
- मन भटके तो मन में कहें “सोच” और साँस पर लौट आएँ।
- टाइमर बजने पर 3 गहरी साँसें लें और आँखें खोलें।
पहले हफ़्ते रोज़ 2 मिनट, दूसरे हफ़्ते 5 मिनट, फिर 10 मिनट। रोज़ थोड़ा करना कभी-कभार ज़्यादा करने से बेहतर है।
कब करें?
सुबह उठकर या रात को सोने से पहले, जो भी समय आप रोज़ निभा सकें। रात के लिए हमारी गाइड Meditation for Sleep पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मेडिटेशन का असर कब दिखता है? ज़्यादातर लोग 2 से 4 हफ़्ते रोज़ के अभ्यास के बाद ज़्यादा शांत महसूस करते हैं।
क्या लेटकर मेडिटेशन कर सकते हैं? हाँ, पर लेटकर नींद आ सकती है। दिन में बैठकर करें।
क्या मंत्र ज़रूरी है? नहीं। साँस पर ध्यान देना सबसे आसान शुरुआत है।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है, मेडिकल सलाह नहीं।