जब हम डरे या परेशान होते हैं, साँस तेज़ और छोटी हो जाती है। अच्छी बात यह है कि यह रास्ता दोनों तरफ़ चलता है। साँस धीमी करेंगे, तो शरीर को संकेत मिलेगा कि अब ख़तरा नहीं, आराम का समय है। यही प्राणायाम का आधार है।
4 प्राणायाम सोने से पहले
| प्राणायाम | कैसे करें | कितनी बार | कब अच्छा |
|---|---|---|---|
| अनुलोम-विलोम | दायाँ नथुना बंद, बाएँ से साँस लें; बायाँ बंद, दाएँ से छोड़ें; फिर उल्टा | 5 मिनट | मन का संतुलन |
| भ्रामरी | साँस छोड़ते समय भौंरे की तरह हल्की गुनगुनाहट | 5–7 राउंड | दौड़ते विचार |
| चंद्र भेदन | सिर्फ़ बाएँ नथुने से साँस लें, दाएँ से छोड़ें | 9 राउंड | गर्मी, बेचैनी |
| लंबा उछ्वास | 4 गिनती में साँस लें, 8 में छोड़ें | 3–5 मिनट | सबसे आसान, लेटकर |
ध्यान रखें
- खाना खाने के कम से कम 2 घंटे बाद करें।
- साँस कभी ज़बरदस्ती न रोकें। चक्कर आए तो रुककर सामान्य साँस लें।
- रात को कपालभाति या भस्त्रिका न करें, ये शरीर को जगाते हैं।
- अस्थमा, दिल की बीमारी या गर्भावस्था में किसी योग शिक्षक या डॉक्टर से पूछकर करें।
प्राणायाम के बाद बॉडी स्कैन करें। पूरा क्रम Meditation for Sleep में है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कौन-सा प्राणायाम नींद के लिए सबसे अच्छा है? शुरुआत के लिए लंबा उछ्वास और भ्रामरी सबसे आसान हैं।
क्या लेटकर प्राणायाम कर सकते हैं? लंबा उछ्वास लेटकर कर सकते हैं। अनुलोम-विलोम बैठकर करना बेहतर है।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है, मेडिकल सलाह नहीं।