क्या आप भी टॉयलेट में फोन लेकर जाते हैं और 10-15 मिनट तक बैठे रहते हैं? ज़्यादातर लोगों को लगता है इसमें कोई नुकसान नहीं। लेकिन यही छोटी सी आदत पाइल्स यानी बवासीर की एक बड़ी वजह बन सकती है।
इस लेख में हम आसान भाषा में समझेंगे कि पाइल्स कैसे होता है, और आप इससे कैसे बच सकते हैं।
पाइल्स क्या है?
हमारे गुदा (anus) और मलाशय (rectum) के आसपास खून की नसों के छोटे-छोटे गद्दे होते हैं। ये हर इंसान में होते हैं और मल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। जब इन नसों पर बार-बार दबाव पड़ता है, तो ये सूज जाती हैं और नीचे खिसकने लगती हैं। इसी को पाइल्स या बवासीर कहते हैं। आयुर्वेद में इसे “अर्श” कहा जाता है।
विस्तार से पढ़ें: Piles kya hota hai?
टॉयलेट की वो गलती: ज़्यादा देर तक बैठना
टॉयलेट सीट पर बैठने से शरीर के निचले हिस्से को सहारा नहीं मिलता। जितनी देर आप बैठते हैं, उतना ज़्यादा खून इन नसों में जमा होता है और ये फूलने लगती हैं।
2025 में PLOS One जर्नल में छपी एक स्टडी में पाया गया कि जो लोग टॉयलेट में स्मार्टफोन चलाते हैं, उनमें पाइल्स का खतरा लगभग 46% ज़्यादा था। वजह साफ है: फोन की वजह से लोग ज़रूरत से ज़्यादा देर बैठते हैं।
सलाह: फोन बाहर छोड़ें और 5 मिनट से ज़्यादा न बैठें।
पाइल्स होने की दूसरी बड़ी वजहें
- कब्ज़ और ज़ोर लगाना: सख्त मल निकालने के लिए ज़ोर लगाने से नसों पर सबसे ज़्यादा दबाव पड़ता है।
- फाइबर की कमी: मैदा, बिस्किट, फास्ट फूड ज़्यादा और सब्ज़ी, फल, दाल कम खाना।
- पानी कम पीना: पानी की कमी से मल सख्त हो जाता है।
- लंबे समय तक बैठे रहना: ऑफिस में घंटों कुर्सी पर बैठना।
- प्रेगनेंसी: बढ़ता गर्भाशय नसों पर दबाव डालता है।
- भारी वज़न उठाना: सांस रोककर वज़न उठाने से पेट का दबाव बढ़ता है।
हर आदत को विस्तार से समझने के लिए पढ़ें: Why do piles happen? 7 daily habits
आयुर्वेद क्या कहता है?
आयुर्वेद के अनुसार अर्श की जड़ है कमज़ोर पाचन, यानी मंदाग्नि। जब अग्नि कमज़ोर होती है, तो खाना ठीक से नहीं पचता, कब्ज़ होती है और वात दोष बढ़ता है। इसलिए आयुर्वेद में इलाज की शुरुआत पेट और पाचन को ठीक करने से होती है।
पाइल्स के शुरुआती लक्षण
- मल त्याग के बाद लाल खून आना
- गुदा के आसपास खुजली या जलन
- बैठने में दर्द या असहजता
- गुदा के पास छोटी गांठ महसूस होना
सभी लक्षण जानने के लिए पढ़ें: पाइल्स के लक्षण
पाइल्स से बचने के 5 आसान उपाय
- रोज़ाना फाइबर वाला खाना खाएं: दाल, हरी सब्ज़ियां, फल, साबुत अनाज।
- दिन में 8-10 गिलास पानी पिएं।
- सुबह गुनगुना पानी पीकर टॉयलेट जाने की आदत डालें।
- टॉयलेट में फोन न ले जाएं, 5 मिनट में बाहर आ जाएं।
- रोज़ 30 मिनट टहलें।
क्या खाएं और क्या नहीं, यह जानने के लिए पढ़ें: Piles me kya khana chahiye
डॉक्टर को कब दिखाएं?
अगर ज़्यादा खून आ रहा हो, मल काला हो, वज़न अपने आप घट रहा हो या 2-3 हफ्ते में आराम न मिले, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
पाइल्स कैसे होता है?
गुदा के आसपास की नसों पर बार-बार दबाव पड़ने से वे सूज जाती हैं। यह दबाव कब्ज़, ज़ोर लगाने और टॉयलेट में लंबे समय तक बैठने से आता है।
क्या टॉयलेट में फोन चलाने से पाइल्स होता है?
2025 की एक स्टडी के अनुसार टॉयलेट में फोन चलाने वालों में पाइल्स का खतरा 46% ज़्यादा पाया गया, क्योंकि वे ज़्यादा देर बैठते हैं।
क्या पाइल्स अपने आप ठीक हो सकता है?
शुरुआती और छोटे पाइल्स सही खान-पान और आदतों से कुछ दिनों या हफ्तों में ठीक हो सकते हैं। बड़े पाइल्स के लिए डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है।
क्या मिर्च-मसाले से पाइल्स होता है?
इसका पक्का सबूत नहीं है कि मसाले पाइल्स पैदा करते हैं, लेकिन पाइल्स होने पर ये जलन बढ़ा सकते हैं।
पाइल्स को आयुर्वेद में क्या कहते हैं?
आयुर्वेद में पाइल्स को अर्श कहा जाता है।
लेखक के बारे में: दीपक सागर आरोग्य जीवनम् से जुड़े आयुर्वेदिक वेलनेस लेखक हैं, जिन्हें पाचन स्वास्थ्य और समग्र जीवनशैली पर लिखने का 6 साल से ज़्यादा का अनुभव है।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी इलाज से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह लें।
स्रोत: Smartphone use on the toilet and the risk of hemorrhoids, PLOS One (2025)